Pitra Dosh:पितृ दोष को हल्के में लेने की गलती पड़ेगी भारी !

क्या है पितृ दोष (Pitra Dosh)?

पितृ दोष एक ज्योतिषीय अवधारणा है जो यह बताती है कि हमारे पूर्वजों के अधूरे कार्य या उनके प्रति किए गए गलत व्यवहार के कारण हमें जीवन में कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है। यह दोष हमारी कुंडली में ग्रहों की स्थिति के कारण भी बन सकता है। लेकिन मुख्य तौर पर ये पितरों के साथ गलत व्यवहार, उनकी उपेक्षा और उनका विधि के अनुसार अंतिम संस्कार ना करने की वजह से पितृदोष लग जाता है। 

pitra dosh upay
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पितृ दोष (Pitra Dosh) के लक्षण

पितृ दोष को समझने के लिए आपको अपने जीवन में होने वाली घटनाओं पर गौर करना चाहिए। आपके जीवन में होने वाले कुछ खास बदलाव पितृदोष के लक्षण माने गए हैं। तो चलिए आपको बताते हैं कुछ मुख्य लक्षण…

  • जीवन में लगातार असफलताएं मिलना
  • संतान प्राप्ति में कठिनाई होना
  • पारिवारिक कलह रहना
  • बीमारियों से घिरे रहना
  • धन हानि होना
  • नौकरी या व्यवसाय में परेशानियां होना
  • घर में नकारात्मक ऊर्जा रहना

पितृ दोष (Pitra Dosh) के कारण

पितृ दोष के लक्षणों को समझने के बाद कारणों को समझना बहुत ज़रूरी है। बिना कारण के कोई भी दोष नहीं लगता है। अगर आप कारणों पर गौर करेंगे तो आपको अपने आप समझ में आ जाएगा कि क्यों आप पितृदोष से पीड़ित है। तो चलिए पितृदोष से जुड़े कुछ ज़रूरी कारणों पर गौर है। 

  • पितरों का अंतिम संस्कार विधि-विधान से ना करना
  • पितरों की अकाल मृत्यु होना
  • पितरों का अपमान करना या उन्हें पीड़ा देना
  • पितरों के अधूरे कार्य पूरे ना करना
  • पितरों के श्राद्ध और तर्पण ना करना

 पितृदोष (Pitra Dosh) के प्रकार

अगर आपके ऊपर पितृ दोष है तो आपको ये जानना बेहद ज़रूरी है कि आपको किस तरह का पितृ दोष है। पितृ दोष के निवारण के लिए ये जानना आवश्यक हो जाता है। तो चलिए आपको बताते हैं पितृ दोष के 5 प्रकार…

पितृ ऋण: यह सबसे आम प्रकार का पितृ दोष है, और यह तब होता है जब हम अपने पूर्वजों के ऋण को नहीं चुकाते हैं। यह ऋण किसी भी रूप में हो सकता है, जैसे कि वित्तीय ऋण, भावनात्मक ऋण या आध्यात्मिक ऋण।
पितृ क्रोध: यह तब होता है जब हम अपने पूर्वजों को क्रोधित करते हैं। यह अनादर, अपमान, या उनके अधूरे कार्यों को पूरा ना करने जैसी चीजों के कारण हो सकता है।
पितृ अशांति: यह तब होता है जब हमारे पूर्वजों की आत्माओं को शांति नहीं मिलती है। यह हिंसक मृत्यु, अकाल मृत्यु या अधूरे कार्यों के कारण हो सकता है।
पितृ श्राप: यह तब होता है जब हमारे पूर्वजों ने हमें श्राप दिया है। यह आमतौर पर तभी होता है जब हम किसी तरह से उन्हें गहरी चोट पहुंचाते हैं।
पितृ कालसर्प दोष: यह एक दुर्लभ प्रकार का पितृ दोष है, और यह तब होता है जब राहु और केतु हमारी कुंडली में कालसर्प योग बनाते हैं। यह योग जीवन में कई समस्याएं पैदा कर सकता है, जिसमें शादी में देरी, संतान प्राप्ति में कठिनाई, धन हानि और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं शामिल हैं।

पितृ दोष(Pitra Dosh) से मुक्ति के उपाय

जीवन में सुख-शांति और तरक्की के लिए आपको पितरों को प्रसन्न करना बहुत ज़रूरी है। पितरों का रूठना आपकी किस्मत पर भारी पड़ सकता है। पितरों का रूठना आपको जीवनभर कष्ट और परेशानी दे सकता है। इसीलिए पितरों को प्रसन्न करने के लिए आपको कुछ खास उपाय करने चाहिए….

  1. पितरों का श्राद्ध और तर्पण विधि-विधान से करना
  2. पितरों के नाम से दान-पुण्य करना
  3. पितरों को समर्पित पवित्र नदियों में स्नान करना और दान करना
  4. पितरों के नाम से पौधे लगाना और उनकी देखभाल करना
  5. पितरों से क्षमा मांगना और उनका आशीर्वाद लेना
  6. पितरों की अधूरी इच्छा को स्वयं पूरा करना 

इसके अलावा अगर आपकी कुंडली में पितृ दोष है तो आप कुछ खास ज्योतिषीय उपाय करने चाहिए। 

  1. पितृ दोष निवारण यज्ञ करवाएं
  2. पितरों के नाम से पितृ दोष निवारण मंत्रों का जाप करें
  3. पितरों के नाम से रत्न धारण करें
  4. पितरों के नाम से रुद्राक्ष धारण करें

निष्कर्ष

पितृ दोष एक गंभीर दोष है जो हमारे जीवन में कई समस्याओं का कारण बन सकता है। इसको मजाक या हल्के में बिल्कुल ना लें। अक्सर लोग इसको नज़रअंदाज़ कर देते हैं, उसके बाद उन्हें इसके गंभीर परिणाम भुगतने पड़ते हैं। इसीलिए बिना देरी किए अपने पितरों का सही तर्पण और श्राद्ध अवश्य करें।  

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