कतर से लौटने वाले पूर्व नौसैनिकों ने की प्रधान मंत्री मोदी की प्रशंसा

रिहाई के बाद भारत लौटे 7 पूर्व नौसेना कर्मचारियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत सरकार के लिए अपना आभार व्यक्त किया

Qatar release Ex-Indian Navy

नई दिल्ली:
कतर में मौत की सजा पाने वाले 8 पूर्व भारतीय नौसेना कर्मियों को रिहा कर दिया गया है। इनमें से 7 भारतीय नागरिक भारत लौट आए हैं और इसकी जानकारी विदेश मंत्रालय ने अपने आधिकारिक बयान में दी है।

पूर्व नौसेना कर्मचारियों के नाम:

  • सौरभ वशिष्ट
  • पुर्णेंदू तिवारी
  • बीरेंद्र कुमार वर्मा
  • सुगुनाकर पकाला
  • संजीव गुप्ता
  • अमित नागपाल
  • राजेश शामिल

उनमें से ये सभी कतर की प्राइवेट कंपनी – दाहरा ग्लोबल कंपनी में काम कर रहे थे।

भारत लौटे अन्य नागरिक ने कहा:

“भारत वापस लौट कर हम बेहद खुश हैं। हम इसके लिए पीएम मोदी का शुक्रियाअदा करते हैं क्योंकि उन्होंने हमें भारत वापस लाने के लिए हर मुमकिन कोशिश की है।”

आगस्त 2022 में 8 पूर्व नौसेना कर्मियों को किया गया था गिरफ्तार:
नौसेना के आठ पूर्व कर्मियों को जासूसी के आरोप में अगस्त 2022 में गिरफ्तार किया गया था और कतर की एक अदालत ने अक्टूबर में उन्हें मौत की सजा सुनाई थी। ये सभी भारतीय नागरिक दहारा ग्लोबल कंपनी के लिए काम कर रहे थे।

मौत की सजा को कम कर सुनाई थी जेल की सजा:


विदेश मंत्रालय ने एक प्रेस बयान में कहा था कि, इससे पहले कतर की अदालत ने मामले में आठ पूर्व कर्मियों की मौत की सजा को कम कर दिया था और उन्हें अलग-अलग अवधि के लिए जेल की सजा में तबदील कर दिया था। फैसले के बारे में बताते हुए विदेश मंत्रालय ने कहा था, “हमने दहरा ग्लोबल मामले में कतर की अपील अदालत के आज के फैसले पर गौर किया है, जिसमें सजाएं कम कर दी गई हैं। विदेश मंत्रालय ने यह भी कहा कि मामले में विस्तृत फैसले का इंतजार है और वह कतर में कानूनी टीम के साथ निकटता से संपर्क बनाए हुए है।”

भारत सरकार ने किया फैसले का स्वागत:

क़तर के अमीर के आदेश पर भारतीयों की रिहाई हुई है। आठों भारतीयों को पहले मौत की सज़ा दी गई थी। एक अपील के बाद मौत की सज़ा बदल कर 5 से 25 साल तक की क़ैद की सज़ा दी गई थी। दूसरी अपील पर सुनवायी चल रही थी। इस बीच अमीर के आदेश पर रिहाई हो गई। सात भारतीय देश लौट गए हैं। भारत ने क़तर के अमीर का शुक्रिया किया है।

भारतीय सरकार का प्रतिक्रिया:


भारतीय सरकार ने इस फैसले का स्वागत किया और कहा कि यह एक बड़ी कदम है जो दोनों देशों के बीच संबंधों को मजबूत करेगा। सरकार ने कहा कि यह फैसला दोनों देशों के बीच व्यापारिक और आर्थिक संबंधों को बढ़ावा देगा।

उम्मीदें सुधारी गई:

इस समय, रिहाई के बाद भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने सोशल मीडिया पर भारतीय प्रशांता की भावना को व्यक्त किया और उम्मीद की कि अब इन पूर्व नौसेना कर्मचारियों की जिंदगी में नई उम्मीदें और संभावनाएं होंगी।

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